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Episode Description
इस हफ्ते चर्चा में मुख्य रूप से ईरान अमेरिका के बीच हुए एमओयू, शिवसेना (उद्धव बाल ठाकरे) और तृणमूल कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक घमासान एवं नेताओं की बगावत से लेकर, नीट-यूजी री-एग्जामिनेशन विवाद के बाद केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध और इसके कानूनी व तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नौ में से छह लोकसभा सांसदों के पार्टी बैठक में शामिल न होने से उद्धव ठाकरे गुट में फूट की चर्चा तेज, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से किया इनकार, तृणमूल कांग्रेस के नेता अरूप विश्वास ने पार्टी के मामलों और संपत्तियों पर नियंत्रण की अनिश्चितता का हवाला देते हुए एचडीएफसी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी का खाता फ्रीज करने की मांग की, केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि टेलीग्राम ने देश में अपनी सेवाओं के निलंबन के खिलाफ याचिका दायर करने के बावजूद अवैध और संदिग्ध चैनलों पर रोक लगाने के लिए कोई सक्रिय कदम नहीं उठाए, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने संघर्षविराम बढ़ाने तथा स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के 25-26 सांसद पार्टी छोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के करीब होने का संकेत देते हुए भारत का दौरा करने का वादा किया, खांसी की सीरप से होने वाली बच्चों की मौतों के बाद वैश्विक जांच के बीच भारत सरकार ने इसकी बिना प्रिस्क्रिप्शन के ओवर-द-काउंटर बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया, ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण मई 2026 में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 9.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, अकाल तख्त के सिख धर्मगुरुओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में झूठे बयान देने के आरोपों के चलते 'गुरु द्रोही' घोषित कर दिया, क्लास 9 की कला की पाठ्यपुस्तक में मोहनजोदड़ो की ऐतिहासिक 'डांसिंग गर्ल' की मूर्ति के कपड़ों वाले बदले हुए चित्र पर हुए विवाद के बाद एनसीईआरटी मूल तस्वीर को बहाल करने के लिए तैयार और विनायक दामोदर सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने पुणे की एक विशेष अदालत में गवाही दी है कि उनके दादा ने ब्रिटिश सरकार को सजा कम करने के लिए दस दया याचिकाएं भेजी थीं आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा का विषय रहीं.
अतुल चौरसिया के संचालन में हुई इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा और स्मिता शर्मा ने हिस्सा लिया. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से इस चर्चा में सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा शामिल हुए.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, "होर्मुज़ खुल जाएगा तो दुनिया के ऊपर एक क़िस्म का तनाव कम होगा लेकिन यह जो एमओयू हुआ है दोनों देशों के बीच में यह कितना स्थायी होगा यह देखने वाली बात होगी और भारत अपने लिए इसमें कितनी राहत देख सकता है?"
इस विषय पर स्मिता कहती हैं, "राहत की बात तो है और इसका स्वागत होना चाहिए, हालांकि यह और बात है कि जिन राजनीतिक उद्देश्यों के साथ डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध में घुसे नेतन्याहू के साथ में, उनमें से कुछ भी हासिल नहीं कर सके. यही स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज 28 फरवरी के पहले पूरी तरह खुला हुआ था, इसमें फ्रीडम ऑफ़ नेविगेशन पर कोई रोकटोक नहीं थी, आपने बल्कि ईरान को समझा दिया कि होर्मुज को कैसे एक सामरिक टूल के तौर पर इस्तेमाल करना है."
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
04:25 - सुर्खियां
22:00 - ईरान अमेरिका समझौता
48:00 - क्षेत्रीय दलों में फूट
01:12:00 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:18:20 - जिमख़ाना क्लब विवाद
01:52:20 - सलाह और सुझाव
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ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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