एनएल चर्चा 409: नरवणे की आत्मकथा पर रोक, ट्रंप के टैरिफ कट का हिसाब-किताब और बच्चों में मोबाइल की जानलेवा लत
Episode Description
एनएल चर्चा में इस हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ ट्रेड डील की सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए टैरिफ में की गई कटौती, संसद के बजट सत्र के बीच जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर जारी विवाद और ग़ाज़ियाबाद में तीन नाबालिग़ लड़कियों ने नवीं मंज़िल से कूदकर दी जान को लेकर विस्तार से बात इसके अलावा वाशिंगटन पोस्ट में की गई बड़ी छंटनी के साथ दुनिया से सिमटे अमेरिका के इस प्रतिष्ठित अख़बार के दायरे, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया वार्षिक बजट, इलाहबाद उच्च न्यायलय ने उत्तर प्रदेश में जारी ‘बुलडोज़र जस्टिस’ की सख्त टिप्पणी, मेघालय के जैतिया हिल्स ज़िले में खदान में विस्फोट होने से 16 मज़दूरों की मौत समेत कई मज़दूर फंसे, कोटद्वार के दीपक उस समय विवाद में आ गए जब उन्होंने बजरंग दल के लोगों को एक मुसलमान दुकानदार को परेशान करने से रोका, चुनाव आयोग व पश्चिम बंगाल सरकार के बीच जारी खींचतान, पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपने ऑपरेशन हिरौफ़ की शुरुआत की जिसमें 23 नागरिकों की मौत और जेफ्री एप्सटीन टीन मामले से जुड़े लाखों दस्तावेज़ सार्वजानिक आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में बतौर मेहमान पूर्व आईपीएस अधिकारी यशवर्धन झा और वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से स्तंभकार आनंद वर्धन और सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवाने की किताब का एक हिस्सा संसद में राहुल गांधी संसद में पढ़ना चाह रहे थे, जो एक पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है लेकिन उन्हें रोक दिया गया, यह किताब भारत में अभी प्रकाशित नहीं हुई है, सरकार ने इसपर रोक लगाई हुई है, इसे भारत सरकार ने क्यों रोक रखा है?
”इस विषय पर यशवर्धन झा कहते हैं, “सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या राहुल गांधी को क्या यह अधिकार था संसद में उठाने का?”
पूरा मामला समझने और विशेषज्ञों की राय जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
07:07 - सुर्खियां
13:15 - एमएम नरवणे किताब विवाद
53:30 - अमेरिका के साथ व्यापार संधि
01:17:35 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:23:25 - ग़ाज़ियाबाद में बच्चियों की आत्महत्या 01:41:40 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएहृदयेश जोशी
पुस्तक संग्रह - इंट्रुइगिंग इण्डिया
शार्दूल कात्यायन
अनमोल प्रितम की ‘मोहम्मद दीपक’ से बातचीत
लेख - जेन ज़ी बिकेम फर्स्ट जेनेरशन टू बी लेस इंटेलीजेंट दैन मिलेनियल्स ऐज़ आईक्यू ड्रॉप्ड
आनंदवर्धन
किताब - हाउ टू डू नथिंग
किताब - परशुराम की प्रतीक्षा
अतुल चौरसिया
सीरीज़ -तस्करी
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें औरउस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.